
(सांकेतिक तस्वीर- न्यूज18 हिंदी)
सीबीएसई पेपर लीक केस में दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीएसई बोर्ड से पूछा कि लीक हुए पेपरों की फिर से परीक्षा क्यों नहीं कराई गई.
बता दें सीबीएसई पेपर लीक केस में पेपर लीक होने के बाद भी दोबारा पेपर न कराने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी. याचिकाकर्ता ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि क्यों पेपर लीक होने के बावजूद दोबारा परीक्षाएं क्यों नहीं कराई गईं. याचिकाकर्ता ने 12वीं अर्थशास्त्र की परीक्षा की डेट में बदलाव की मांग की है.
बैंक प्रबंधन की लापरवाही से हुआ पेपर लीक
पेपर लीक में बैंक प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है. बैंक के स्ट्रांग रूम से पेपर का बंडल गायब हो जाता है, लेकिन प्रबंधन को भनक तक नहीं लगती है. पेपर लीक प्रकरण में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ऊना शाखा की सुरक्षा प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा है.बता दें सीबीएसई पेपर लीक का खुलासा उस वक्त हुआ जब दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को एग्जाम शुरू होने के कुछ मिनट पहले ही लीक पेपर मिला. इससे बाद सिसोदिया ने तुरंत एजुकेशन सेक्रेटरी से बात की. जब लीक पेपर का ऑरिजनल पेपर से मिलान हुआ तो वो हूबहू वैसा ही निकला. इसके बाद सीबीएसई ने दोबारा परीक्षाएं कराने का फैसला लिया.
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First published: April 16, 2018, 6:16 PM IST

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