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2/5टेकऑफ करते ही हाइजैक हुआ प्लेन

घटना यूं थी कि 10 सितंबर 1976 को सुबह करीब साढ़े सात बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट से इंडियन एयरलाइंस का विमान 737 मुंबई के लिए उड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक टेकऑफ के कुछ ही देर बाद 2 हाइजैकर्स कॉकपिट में आए और पायलट और को-पायलट को गन दिखाकर प्लेन हाइजैक कर लिया।
3/5पायलट ने दिखाई समझदारी

प्लेन हाइजैक का पता चलते ही पायलट और को-पायलट ने समझदारी दिखाई और दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को चुपचाप सूचना दे दी। प्लेन में कुल 6 टेररिस्ट थे, रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी कश्मीरी थे।
4/5पाकिस्तान ने की मदद

अपहरणकर्ता प्लेन को लीबिया ले जाना चाहते थे लेकिन ईधन खत्म होने की बात कहकर पायलट्स प्लेन को लाहौर ले गए। इसी बीच भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार से यात्रियों की सुरक्षा के लिए मदद मांगी। इस घटना में पाकिस्तान ने भी अच्छा रोल निभाया और काफी चालाकी दिखाई।
5/5पाकिस्तान ने दी शानदार

पाकिस्तान ने रात का बहाना बनाकर विमान को रोक लिया और हाइजैकर्स की खातिरदारी के लिए जहाज में ही बढ़िया दावत का इंतजाम किया। पाकिस्तान के अधिकारियों ने खूब लजीज खाना बनवाया और पानी में पारदर्शी नशे की दवा मिला दी। पानी पीकर हाइजैकर्स बेहोश हो गए फिर उन्हें गिरफ्तार करके विमान को वापस भेज दिया गया। सभी अपहर्णकर्ता पाकिस्तान की हिरासत में रहे और 7 जनवरी 1977 को उन्हें रिहा कर दिया गया। इस बात का भारत ने काफी विरोध भी किया था।


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