Candidates Having Engineering Dergree Can't Be Appointed As Junior Engineers, Court Ruled - कोर्ट...



एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 26 Jul 2019 12:58 PM IST




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जिन अभ्यर्थियों के पास इंजीनियरिंग की डिग्री है, उन्हें जूनियर इंजीनियर के पदों पर नियुक्त नहीं किया जा सकता है। एक मामले की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाई हाईकोर्ट ने ये बात कही है।

दरअसल, कोर्ट के पास एक मामला आया था जिसमें राज्य सरकार ने जूनियर इंजीनियर के पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला है। इस विज्ञापन में राज्य सरकार ने सिर्फ उन अभ्यर्थियों को जूनियर इंजीनियर के पदों पर आवेदन के योग्य बताया है जिनके पास इंजीनियरिंग में डिप्लोमा है। इसके खिलाफ उन अभ्यर्थियों ने याचिका दायर की जिनके पास इंजीनियरिंग की डिग्री है। उनकी दलील थी कि वे डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों से ज्यादा क्वालिफाइड हैं। फिर उन्हें भी इन पदों पर नियुक्ति पाने का मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है?

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तीन जजों, जस्टिस बीके नारायण, जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस पंकज भाटिया की बेंच ने इस मामले में सुनवाई की। उन्होंने कहा कि किसी पद पर नियुक्ति के लिए निकाले गए विज्ञापन में किन योग्यताओं की जरूरत है, उसका फैसला करने का अधिकार राज्य सरकार के पास होता है। यह न्यायिक समीक्षा का मामला नहीं हो सकता। इसलिए इस मामले में राज्य सरकार द्वारा जारी विज्ञापन के आलोक में इंजीनियरिंग में डिग्री रखने वाले अभ्यर्थियों को जूनियर इंजीनियर के इन पदों पर नियुक्ति नहीं दी जा सकती है। ऐसे अभ्यर्थी राज्य सरकार द्वारा जारी जूनियर इंजीनियर के पदों पर की जाने वाली इस नियुक्ति के लिए योग्य नहीं माने जा सकते, न ही आवेदन कर सकते हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह याचिका इंजीनियरिंग की डिग्री वाले दीपक सिंह समेत नौ अन्य अभ्यर्थियों ने दायर की थी।

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जिन अभ्यर्थियों के पास इंजीनियरिंग की डिग्री है, उन्हें जूनियर इंजीनियर के पदों पर नियुक्त नहीं किया जा सकता है। एक मामले की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाई हाईकोर्ट ने ये बात कही है।


दरअसल, कोर्ट के पास एक मामला आया था जिसमें राज्य सरकार ने जूनियर इंजीनियर के पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला है। इस विज्ञापन में राज्य सरकार ने सिर्फ उन अभ्यर्थियों को जूनियर इंजीनियर के पदों पर आवेदन के योग्य बताया है जिनके पास इंजीनियरिंग में डिप्लोमा है। इसके खिलाफ उन अभ्यर्थियों ने याचिका दायर की जिनके पास इंजीनियरिंग की डिग्री है। उनकी दलील थी कि वे डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों से ज्यादा क्वालिफाइड हैं। फिर उन्हें भी इन पदों पर नियुक्ति पाने का मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है?

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तीन जजों, जस्टिस बीके नारायण, जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस पंकज भाटिया की बेंच ने इस मामले में सुनवाई की। उन्होंने कहा कि किसी पद पर नियुक्ति के लिए निकाले गए विज्ञापन में किन योग्यताओं की जरूरत है, उसका फैसला करने का अधिकार राज्य सरकार के पास होता है। यह न्यायिक समीक्षा का मामला नहीं हो सकता। इसलिए इस मामले में राज्य सरकार द्वारा जारी विज्ञापन के आलोक में इंजीनियरिंग में डिग्री रखने वाले अभ्यर्थियों को जूनियर इंजीनियर के इन पदों पर नियुक्ति नहीं दी जा सकती है। ऐसे अभ्यर्थी राज्य सरकार द्वारा जारी जूनियर इंजीनियर के पदों पर की जाने वाली इस नियुक्ति के लिए योग्य नहीं माने जा सकते, न ही आवेदन कर सकते हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह याचिका इंजीनियरिंग की डिग्री वाले दीपक सिंह समेत नौ अन्य अभ्यर्थियों ने दायर की थी।

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